दिन में तीन स्वरूपों में दर्शन देती है मोड़ी माताजी
मयूर स्वरूप में बनाया गया है प्रवेश द्वार
समिति ने जन सहयोग से करवाए लाखों के निर्माण कार्य
सीतामऊ
सीतामऊ नगर की आराध्य देवी मयूर वाहिनी मां मोड़ी माता जी के दरबार में नवरात्रि के पहले दिन बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंचे प्रतिदिन मां मोड़ी माता जी तीन स्वरूपों में दर्शन देती है प्रातः काल में बाल्यावस्था, दोपहर में युवावस्था एवं शाम के समय वृद्धावस्था का स्वरूप भक्तों को आकर्षित कर रहा है |
यह मंदिर सीतामऊ नगर की स्थापना से भी पूर्व समय से यहां मौजूद है एवं माता जी की मूर्ति स्वयंभू होकर अति चमत्कारिक है रियासत के समय से यह मंदिर नगर की आस्था का केंद्र बिंदु रहा है | वर्तमान में यहां श्री मयूर वाहिनी मां मोडी माताजी मंदिर सौंदर्यीकरण एवं नवनिर्माण समिति द्वारा जन सहयोग से लगभग 20 लाख रुपए से ज्यादा राशि के विकास कार्य करवाए जा चुके हैं जिससे मंदिर परिसर का पूरा परिदृश्य अत्यंत मनमोहक एवं सुंदर हो गया है |
समिति द्वारा यहां आने वाले भक्तों हेतु स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर कूलर लगाया गया है साथ ही मंदिर प्रांगण की बाउंड्री का सौंदर्यीकरण कर प्रकाश की व्यवस्था की गई है, भक्तों के बैठने हेतु समुचित प्रांगण में कुर्सी की व्यवस्था, मंदिर के पास सेल्फी प्वाइंट हेतु गार्डन तैयार किया जा रहा है साथ ही मंदिर प्रांगण में स्थित कुएं का जीर्णोद्धार, मंदिर के पीछे पथवारी नवनिर्माण भी किया गया है दर्शनार्थियों के मंदिर में जाने हेतु रेलिंग की व्यवस्था भी की गई है साथ ही मयूर स्वरूप में ही मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार आकर्षित विद्युत सज्जा के साथ सजाया गया है |
मंदिर से जुड़ी समिति का कहना है कि सभी निर्माण कार्यों हेतु जन सहयोग से यह राशि एकत्रित की गई है एवं लगातार मंदिर में विकास कार्य करवाए जा रहे हैं भविष्य में यहां आम जनता हेतु मांगलिक भवन का निर्माण किया जाना भी प्रस्तावित है मंदिर के चारों तरफ एक जैसी छत डालकर सौंदर्यीकरण किया जाना है साथ ही प्रांगण में बच्चों हेतु झूले चकरी की व्यवस्था कर म्यूजिकल फाउंटेन फव्वारा लगाने की योजना भी प्रस्तावित है |