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धर्मराजेश्वर मंदिर को मध्य प्रदेश के मुख्य मंदिरों में सम्मिलित कर विशेष दर्जा प्रदान करें - विनय जांगिड़ शर्मा

धर्मराजेश्वर मंदिर को मध्य प्रदेश के मुख्य मंदिरों में सम्मिलित कर विशेष दर्जा प्रदान करें - विनय जांगिड़ शर्मा

परितोष राजगुरु  |  04 Jan, 02:14 PM |  1071

धर्मराजेश्वर मंदिर को मध्य प्रदेश के मुख्य मंदिरों में सम्मिलित कर विशेष दर्जा प्रदान करें - विनय जांगिड़ शर्मा
धर्मराजेश्वर मंदिर को मध्य प्रदेश के मुख्य मंदिरों में सम्मिलित कर विशेष दर्जा प्रदान करें - विनय जांगिड़ शर्मा

एम पी 14 न्यूज

भारत सरकार में पर्यावरण वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के केंद्रीय सदस्य विनय जांगिड़ शर्मा ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं नेशनल अथॉरिटी कैंप के सीईओ सुभाष चंद्र को दो अलग-अलग पत्र लिखें 
विनय जांगिड़ शर्मा ने डॉ.यादव को लिखे पत्र में कहा कि पूरे भारतवर्ष में हमारी सुवासरा विधानसभा में धर्मराजेश्वर मंदिर है जहां शिव और विष्णु भगवान दोनों एक ही गर्भ ग्रह में विराजित है शिव और वैष्णव संप्रदाय के अलावा यहां पर बौद्ध गुफाएं भी मौजूद है इस मंदिर का निर्माण पांडवों द्वारा अज्ञातवास के दौरान एक ही पत्थर शीला को तराशते हुए किया गया है यह मंदिर सनातन संस्कृति का प्रतीक है इस मंदिर की कई विशेषताएं हैं जैसे भगवान श्री कृष्ण के प्रति पांडवों की आस्था या उदित होते हुए भगवान सूर्य की किरणें महादेव को प्रतिदिन प्रणाम करती है आदि कई विशेषताएं इस मंदिर की है 
यह मंदिर जन जन की आस्था का केंद्र भी बन चुका है अतः इस मंदिर को मध्य प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में शामिल कर तीर्थ स्थलों की तर्ज पर चिन्हित कर यहां भव्य निर्माण करवाए जा सकते हैं इससे पर्यटन के क्षेत्र में हमारा मंदसौर जिला भी उन्नति करेगा 
वहीं दूसरे पत्र में विनय जांगिड़ शर्मा ने लिखा है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का देश में नगर वन निर्माण किए जाने का संकल्प है इसके तहत एक नगर वन मंदसौर जिले में आवंटित किया जाए ताकि बेहतर पर्यावरण के साथ साथ शहरी और उप शहरी क्षेत्र में जैव विविधता की वृद्धि भी हो सकेगी...निकट भविष्य में गांधीसागर में चीतो के लिए बसाहट करने की शासन की तैयारियां चल रही है जिससे काफी पर्यटक नेशनल उद्यान एवं टाइगर रिजर्व की तर्ज पर पर्यटन हेतु क्षेत्र में आयेंगे..यदि धर्मराजेश्वर मंदिर में अपेक्षित कार्य किए जाते है तो मंदसौर जिला पर्यटन सर्किट पर अपना नाम दर्ज करवाकर इस क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकता है बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है जिससे हमारे क्षेत्र की धार्मिक विरासत से भी पूरा भारत वर्ष रूबरू हो सकेगा

धर्मराजेश्वर महादेव मंदिर की यह है विशेषताएं

धर्मराजेश्वर महादेव का मंदिर मंदसौर जिले के चंदवासा क्षेत्र में स्थित है यह मंदिर अजंता एलोरा की याद दिलाता है इस मंदिर का निर्माण एक ही बड़ी पत्थर शीला को ऊपर की ओर से नीचे जाते हुए काटकर तराशा गया है मंदिर में मुख्य रूप से धर्मराजेश्वर महादेव एवं विष्णु भगवान की प्रतिमा है इसके अलावा अन्य कई छोटे-छोटे मंदिर भी यहीं स्थित है साथ ही बौद्ध गुफाएं भी यहां मौजूद है जो प्राचीन काल की याद दिलाती है पूरे मंदिर में कहीं भी सीमेंट पत्थर आदि दिखाई नहीं देते क्योंकि एक ही बड़ी चट्टान को काटकर इस मंदिर को तराशा गया है चंदवासा क्षेत्र में पहाड़ी नुमा इलाके में यह मंदिर मौजूद है जहां प्रतिवर्ष सावन माह में एवं शिवरात्रि पर भक्तों का मेला लगता है साथ ही भगवान शिव एवं भगवान विष्णु दोनों के दर्शन एक साथ इस मंदिर में होते हैं प्रातःकाल एवं सूर्यास्त के वक्त सूर्य की किरणें सीधे मंदिर की प्रतिमा पर सूर्याभिषेक करती हैं
धर्मराजेश्वर पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन शामगढ़, सुवासरा, मंदसौर आदि है..सड़क मार्ग से यह क्षेत्र मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है
धर्मराजेश्वर मंदिर को मध्य प्रदेश के मुख्य मंदिरों में सम्मिलित कर विशेष दर्जा प्रदान करें - विनय जांगिड़ शर्मा

महिला पतंजलि योग समिति की सदस्यों ने पांच दिवसीय...

महिला पतंजलि योग समिति की सदस्यों ने पांच दिवसीय प्रशिक्षण लिया

महिला पतंजलि योग समिति की सदस्यों ने पांच दिवसीय प्रशिक्षण लिया 

सीतामऊ

पूरे भारतवर्ष से महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी व तहसील प्रभारी का योग पीठ गुरुग्राम रुड़की में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसमें योगगुरु स्वामी रामदेव ने पांच दिनों तक विभिन्न योग क्रियाओं का प्रशिक्षण दिया | मंदसौर जिले से प्रशिक्षण कार्यक्रम में सम्मिलित हुई सुशीला राजेंद्र राठौर एवं योग समिति की सदस्यों ने मंदसौर व सीतामऊ अंचल में संचालित योग कार्यक्रमों की जानकारी दी एवं हर क्षेत्र में योग मित्र द्वारा योग कक्षाओं को विस्तारित करने का संकल्प भी लिया | सुशीला राजेंद्र राठौर सक्रिय योग प्रशिक्षक होने के साथ ही मंदसौर जिला भाजपा मंत्री एवं नगर परिषद सीतामऊ की सभापति भी है |

सीतामऊ में महालक्ष्मी का अनूठा मंदिर पोशाक अर्पित करने...

सीतामऊ में महालक्ष्मी का अनूठा मंदिर पोशाक अर्पित करने के लिए आगामी 40 वर्षों तक की हो चुकी है बुकिंग

सीतामऊ में महालक्ष्मी का अनूठा मंदिर
पोशाक अर्पित करने के लिए आगामी 40 वर्षों तक की हो चुकी है बुकिंग

सीतामऊ


छोटी काशी के नाम से विख्यात सीतामऊ नगर अपनी वैभवशाली धार्मिक संस्कृति के लिए जाना जाता है | नगर में मां लक्ष्मी का प्राचीन मंदिर मौजूद है जहां दीपावली के पावन पर्व पर गोधूलि बेला में माता को पोशाक अर्पित करने का विशेष महत्व है माना जाता है की गोधूलि बेला में मां लक्ष्मी को पोशाक अर्पित करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है एवं पोशाक अर्पित करने के लिए आगामी 40 वर्षों तक की एडवांस बुकिंग इस मंदिर में हो चुकी है विशेष बात यह है कि मां लक्ष्मी को यदि पोशाक अर्पित करने के लिए बुकिंग करना हो तो वह नाम भी गोधूलि बेला में ही लिखे जाते हैं | सीतामऊ नगर में रामद्वारा के समीप स्थित माता लक्ष्मी के मंदिर में प्रति शुक्रवार एवं रविवार लाल पुष्प एवं गुलाब का इत्र अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं |
इस वर्ष भी दीपावली के अवसर पर गोधूलि बेला में भक्तों के द्वारा विशेष पोशाक अर्पित की जाएगी एवं माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना की जाएगी साथ ही गोधूलि बेला में ही पोशाक अर्पित करने के लिए श्रद्धालु बुकिंग करवा सकेंगे | वर्तमान में 2065 तक की अग्रिम बुकिंग हो चुकी है |

लोक मान्यता
तपस्वी ने अपनी शक्ति से उतार लिए थे तीन मंदिर


मंदिर के पुजारी प्रमोद मोड़ ने बताया कि मंदिर को लेकर क्षेत्र में लोक मान्यता है कि प्राचीन समय में किसी साधक द्वारा आकाश मार्ग से तीन मंदिर उड़ाकर ले जाए जा रहे थे। क्षेत्र में तपस्या कर रहे एक साधु ने अपनी शक्तियों का उपयोग कर उन्हें यहीं उतार लिया था। इन तीन मंदिरों में माता लक्ष्मी मंदिर, राधा बावड़ी शिव मंदिर एवं नादिया बावड़ी हनुमान मंदिर शामिल है। तीनों मंदिरों की विशेषता यह है कि इनके आकार, बनावट और शैली एक समान है।

दिन में तीन स्वरूपों में दर्शन देती है मोड़ी माताजी........

दिन में तीन स्वरूपों में दर्शन देती है मोड़ी माताजी..... मयूर स्वरूप में बनाया गया है प्रवेश द्वार.....  समिति ने जन सहयोग से करवाए लाखों के निर्माण कार्य

दिन में तीन स्वरूपों में दर्शन देती है मोड़ी माताजी
मयूर स्वरूप में बनाया गया है प्रवेश द्वार

समिति ने जन सहयोग से करवाए लाखों के निर्माण कार्य

सीतामऊ

सीतामऊ नगर की आराध्य देवी मयूर वाहिनी मां मोड़ी माता जी के दरबार में नवरात्रि के पहले दिन बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंचे प्रतिदिन मां मोड़ी माता जी तीन स्वरूपों में दर्शन देती है प्रातः काल में बाल्यावस्था, दोपहर में युवावस्था एवं शाम के समय वृद्धावस्था का स्वरूप भक्तों को आकर्षित कर रहा है |
यह मंदिर सीतामऊ नगर की स्थापना से भी पूर्व समय से यहां मौजूद है एवं माता जी की मूर्ति स्वयंभू होकर अति चमत्कारिक है रियासत के समय से यह मंदिर नगर की आस्था का केंद्र बिंदु रहा है | वर्तमान में यहां श्री मयूर वाहिनी मां मोडी माताजी मंदिर सौंदर्यीकरण एवं नवनिर्माण समिति द्वारा जन सहयोग से लगभग 20 लाख रुपए से ज्यादा राशि के विकास कार्य करवाए जा चुके हैं जिससे मंदिर परिसर का पूरा परिदृश्य अत्यंत मनमोहक एवं सुंदर हो गया है |
समिति द्वारा यहां आने वाले भक्तों हेतु स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर कूलर लगाया गया है साथ ही मंदिर प्रांगण की बाउंड्री का सौंदर्यीकरण कर प्रकाश की व्यवस्था की गई है, भक्तों के बैठने हेतु समुचित प्रांगण में कुर्सी की व्यवस्था, मंदिर के पास सेल्फी प्वाइंट हेतु गार्डन तैयार किया जा रहा है साथ ही मंदिर प्रांगण में स्थित कुएं का जीर्णोद्धार, मंदिर के पीछे पथवारी नवनिर्माण भी किया गया है दर्शनार्थियों के मंदिर में जाने हेतु रेलिंग की व्यवस्था भी की गई है साथ ही मयूर स्वरूप में ही मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार आकर्षित विद्युत सज्जा के साथ सजाया गया है |
मंदिर से जुड़ी समिति का कहना है कि सभी निर्माण कार्यों हेतु जन सहयोग से यह राशि एकत्रित की गई है एवं लगातार मंदिर में विकास कार्य करवाए जा रहे हैं भविष्य में यहां आम जनता हेतु मांगलिक भवन का निर्माण किया जाना भी प्रस्तावित है मंदिर के चारों तरफ एक जैसी छत डालकर सौंदर्यीकरण किया जाना है साथ ही प्रांगण में बच्चों हेतु झूले चकरी की व्यवस्था कर म्यूजिकल फाउंटेन फव्वारा लगाने की योजना भी प्रस्तावित है |

शुक्रवार को मुस्लिम समाज ने निकाला जुलूस - ए - मिलाद

शुक्रवार को मुस्लिम समाज ने निकाला जुलूस - ए - मिलाद

शुक्रवार को मुस्लिम समाज ने निकाला जुलूस - ए - मिलाद

सीतामऊ

जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर बोहरा समाज के सदस्यों ने नगर में जुलूस निकाला... बोहरा समाज के सभी सदस्य एवं छोटे बच्चे पारंपरिक गणवेश में सम्मिलित हुए | अग्रिम पंक्ति में समाज के युवा बैंड के साथ कतारबद्ध होकर चल रहे थे | वहीं शुक्रवार को मुस्लिम समाज ने जुलूस-ए-मिलाद निकाला |
मुस्लिम समाज के जुलूस की शुरुआत तालाब चौक से हुई जो सदर बाजार होते हुए नगर पंचायत प्रांगण पहुंचा | नगर की कई समाज सेवी संस्थाओं ने ठंडे पानी शरबत एवं मिठाई के स्तर लगाकर जुलूस का पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया राजवाड़ा चौक में जिला योजना समिति सदस्य अनिल पांडे द्वारा मुस्लिम समाज जनों का स्वागत किया गया वहीं भगोर गेट पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की तरफ से पुष्प वर्षा कर  शहर काजी एवं अंजुमन सदर का पुष्प माला से स्वागत किया गया |
ताला चौक पर जुलूस सभा में परिवर्तित हुआ | जुलूस के दौरान प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मुस्तैद रहे, कार्यक्रम शांति एवं अनुशासन के माहौल में संपन्न हुआ |

राजकीय परंपरा अनुसार डोल ग्यारस पर निकले बेवाण.... सीतामऊ...

राजकीय परंपरा अनुसार डोल ग्यारस पर निकले बेवाण.... सीतामऊ पुलिस ने दी सलामी

राजकीय परंपरा अनुसार डोल ग्यारस पर निकले बेवाण
सीतामऊ पुलिस ने दी सलामी

सीतामऊ


राजकीय परंपरानुसार इस वर्ष भी नगर के सभी प्रमुख मंदिरों के बेवान नगर भ्रमण हेतु निकले | नगर के गणमान्य नागरिक बंधुओं एवं पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में प्रभु के बेवान को राजवाड़ा चौक स्थित रियासकालीन गढ़ में पुलिस द्वारा सलामी दी गई इसके पश्चात बैंड की धुन पर प्रभु भजनों के साथ सभी बेवाण नगर भ्रमण करते हुए तालाब चौक पहुंचे | नगर में कई जगह श्रद्धालुओं ने प्रभु दर्शन कर बेवान की पूजा अर्चना की एवं ऋतुफल चढ़ाए |
तालाब चौक पर नगर परिषद द्वारा इस वर्ष अच्छी व्यवस्था की गई यहां सभी बेवाण को विराजित करने के लिए लंबा मंच बनाया गया था साथ ही तालाब किनारे पुलिस ने उचित सुरक्षा व्यवस्था की | प्रभु को स्नान करवाने के पश्चात बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी तालाब में स्नान किया | चल समारोह में मनोज शुक्ला, सुमित रावत, विवेक सोनगरा, राजेंद्र राठौर, पवन शर्मा समेत नगर के प्रबुद्धजन सम्मिलित हुए साथ ही एडिशनल एसपी हेमलता कुरील, एसडीओपी दिनेश प्रजापति, तहसीलदार पंकज गंगवाल सहित पत्रकार बंधु एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु व नगरवासी उपस्थित रहे |