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कभी दो वक्त का खाना भी परिवार को नसीब नही होता था...आज हनुमान जी के भक्त के रूप में पूरे देश और विदेश में प्रसिद्ध है बागेश्वर धाम सरकार.. अब बनेगी फिल्म.. द बागेश्वर सरकार सीतामऊ में रुकेंगे तीन दिन

कभी दो वक्त का खाना भी परिवार को नसीब नही होता था...आज हनुमान जी के भक्त के रूप में पूरे देश और विदेश में प्रसिद्ध है बागेश्वर धाम सरकार.. अब बनेगी फिल्म.. द बागेश्वर सरकार सीतामऊ में रुकेंगे तीन दिन

परितोष राजगुरु  |  23 May, 03:09 PM |  1402

कभी दो वक्त का खाना भी परिवार को नसीब नही होता था...आज हनुमान जी के भक्त के रूप में पूरे देश और विदेश में प्रसिद्ध है बागेश्वर धाम सरकार.. अब बनेगी फिल्म.. द बागेश्वर सरकार  सीतामऊ में रुकेंगे तीन दिन
कभी दो वक्त का खाना भी परिवार को नसीब नही होता था...आज हनुमान जी के भक्त के रूप में पूरे देश और विदेश में प्रसिद्ध बागेश्वर धाम सरकार

अब बनेगी फिल्म.. द बागेश्वर सरकार
सीतामऊ में रुकेंगे तीन दिन

परितोष राजगुरू (9993162964)
एम पी 14 न्यूज डॉट कॉम

इन दिनों पूरे देश में आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बागेश्वर धाम सरकार के रूप में प्रसिद्ध हो चुके हैं एक समय था जब आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के परिवार को दो वक्त का खाना भी नसीब नहीं होता था लेकिन लगातार अपने दादाजी के समर्पण भाव से प्रेरित होकर हनुमान जी की भक्ति में लीन हुए आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आज पूरे देश ही नहीं बल्कि विदेशों में बागेश्वर धाम सरकार के नाम से प्रसिद्ध हो चुके हैं

कौन है बागेश्वर धाम सरकार ?

मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री को हनुमान जी का अवतार माना जाता है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री देश भर में अपने चमत्कार के लिए जाने जाते हैं। माना जाता है कि जो भी व्यक्ति अपनी अर्जी बागेश्वर धाम में लगाता है बाबा उनकी सभी समस्याओं को एक कागज में लिखकर उसका उपाय बताते हैं।

बागेश्वर धाम सरकार नाम से विख्यात धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक कथावाचक हैं। धीरेन्द्र शास्त्री जी मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में पड़ने वाले प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर तथा पुजारी हैं। उनके धाम में देश के कोने -कोने से कई श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए छतरपुर जाते हैं और अपनी अर्जी लगाते हैं।

बागेश्वर धाम सरकार धीरेन्द्र शास्त्री जी का जन्म 4 जुलाई 1996 को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ागंज गाँव में हुआ था। इसी स्थान पर प्राचीन मंदिर जोकि हनुमान जी को समर्पित है बागेश्वर धाम स्थित है।

गढ़ा गाँव धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी का पैतृक गाँव है। इनके दादाजी पंडित भगवान दास गर्ग (सेतु लाल) ने चित्रकूट के निर्मोही अखाड़े से दीक्षा प्राप्त की थी। इसके बाद ही धीरेन्द्र शास्त्री जी के दादाजी ने बागेश्वर धाम जो की वर्तमान समय में काफी प्रचलित है, इसका जीर्णोद्धार करवाया था। दादाजी पंडित भगवान दास गर्ग इसी धाम में दरबार लगाया करते थे।

धीरेन्द्र शास्त्री जी के पिता का नाम रामकृपाल गर्ग है इनकी माताजी सरोज गर्ग एक ग्रहणी है। धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी के एक छोटे भाई शालिग्राम गर्ग हैं जो कि स्वयं भी बागेश्वर धाम को समर्पित हैं।

धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गढ़ा गाँव के ही किसी सरकारी स्कूल से पूरी की थी। मात्र 12 वर्ष की आयु में ही आपने प्रवचन देना शुरू किया था। कहा जाता है कि बागेश्वर धाम सरकार धीरेन्द्र शास्त्री जी पर बालाजी हनुमान की असीम कृपा है किस कारण उन्हें कई सिद्धियां प्राप्त हुई हैं।

छतरपुर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी के परिवार में कुल 5 सदस्य हैं। धीरेन्द्र शास्त्री जी के पिता श्री राम कृपाल गर्ग और माता सरोज गर्ग है। इनके दादाजी श्री भगवान दास गर्ग हैं। आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के एक छोटे भाई शालिग्राम गर्ग और एक बहन रीता गर्ग है। और अभी शास्त्री जी का विवाह नहीं हुआ है।

बालाजी बागेश्वर धाम सरकार श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी ने अपनी 10 वीं और 12 वीं कक्षा की पढ़ाई अपने ही गाँव गढ़ा, छतरपुर (mp) के सरकारी स्कूल से पूरी की थी। इसके बाद इन्होने B.A में स्नातक किया।

धीरेन्द्र शास्त्री जी ने अपने दादाजी भगवान दास गर्ग से रामकथा सीखी थी वह अपने दादाजी को ही अपना गुरु भी मानते हैं।

देश में बागेश्वर धाम सरकार को मानने वाले बड़ी संख्या में मौजूद हैं।

आपको बता दें की बागेश्वर धाम में हनुमान जी का मंदिर वर्षों पुराना है। इस मंदिर में धीरेन्द्र शास्त्री जी की पिछली 3-4 पीढ़ियां पुजारी का काम कर चुकी हैं। इनके दादाजी भगवान दास गर्ग ने हनुमान मंदिर (बागेश्वर धाम) का पुनर्निर्माण करवाया था।

साल 2003 से धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी इस दिव्य दरबार की देखरेख कर रहे हैं। मात्र 9 वर्ष की आयु में इन्होने हनुमान जी की पूजा शुरू कर दी थी तब से ही इनपर बाला जी का आशीर्वाद बना हुआ है।

करीबन 300 साल पहले मानव कल्याण और जनसेवा के लिए सन्यासी बाबा द्वारा बागेश्वर धाम को शुरू किया गया था। धीरेन्द्र शास्त्री जी द्वारा इस परम्परा को आगे बढ़ाया गया। अपने गुरु समान दादाजी भगवान दास गर्ग के बाद इन्होने ही बागेश्वर धाम का कार्यभार संभाला।

बागेश्वर धाम से प्रसिद्धि प्राप्त कर चुके धीरेन्द्र शास्त्री पर बालाजी महाराज हनुमान जी की कृपा है। इनकी शरण में जो भी व्यक्ति आता है उसकी समस्या का समाधान बालाजी के परम भक्त बागेश्वर धाम सरकार द्वारा कर लिए जाता है। इस धाम में हर मंगलवार और शनिवार को लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई पड़ती है।

सीतामऊ में रुकेंगे तीन दिन

छोटी काशी सीतामऊ के नजदीक ग्राम खेजडिया में दिनांक 7 8 व 9 जून को बागेश्वर धाम की श्री हनुमंत कथा का आयोजन कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह डंग के सौजन्य से करवाया जा रहा है जिसके निमित्त बागेश्वर धाम सरकार के रूप में विख्यात आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 3 दिन तक सीतामऊ में रुकेंगे एवं खेजडिया में हनुमान कथा के साथ ही दिनांक 8 जून को दिव्य दरबार का आयोजन भी होगा

बागेश्वर धाम की लोकप्रियता को देखते हुए अब उनके ऊपर बनेगी फिल्म

बागेश्वर धाम सरकार की प्रसिद्धि एवं लोकप्रियता को देखते हुए हाल ही में फिल्म डायरेक्टर विनोद तिवारी बागेश्वर धाम के कथा पंडाल में पहुंचे थे और वहां उन्होंने आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मुलाकात कर यह जानकारी दी कि बागेश्वर धाम के ऊपर जल्द ही एक फिल्म का निर्माण किया जा रहा है जिसका नाम द बागेश्वर सरकार होगा
कभी दो वक्त का खाना भी परिवार को नसीब नही होता था...आज हनुमान जी के भक्त के रूप में पूरे देश और विदेश में प्रसिद्ध है बागेश्वर धाम सरकार.. अब बनेगी फिल्म.. द बागेश्वर सरकार  सीतामऊ में रुकेंगे तीन दिन

महिला पतंजलि योग समिति की सदस्यों ने पांच दिवसीय...

महिला पतंजलि योग समिति की सदस्यों ने पांच दिवसीय प्रशिक्षण लिया

महिला पतंजलि योग समिति की सदस्यों ने पांच दिवसीय प्रशिक्षण लिया 

सीतामऊ

पूरे भारतवर्ष से महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी व तहसील प्रभारी का योग पीठ गुरुग्राम रुड़की में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसमें योगगुरु स्वामी रामदेव ने पांच दिनों तक विभिन्न योग क्रियाओं का प्रशिक्षण दिया | मंदसौर जिले से प्रशिक्षण कार्यक्रम में सम्मिलित हुई सुशीला राजेंद्र राठौर एवं योग समिति की सदस्यों ने मंदसौर व सीतामऊ अंचल में संचालित योग कार्यक्रमों की जानकारी दी एवं हर क्षेत्र में योग मित्र द्वारा योग कक्षाओं को विस्तारित करने का संकल्प भी लिया | सुशीला राजेंद्र राठौर सक्रिय योग प्रशिक्षक होने के साथ ही मंदसौर जिला भाजपा मंत्री एवं नगर परिषद सीतामऊ की सभापति भी है |

सीतामऊ में महालक्ष्मी का अनूठा मंदिर पोशाक अर्पित करने...

सीतामऊ में महालक्ष्मी का अनूठा मंदिर पोशाक अर्पित करने के लिए आगामी 40 वर्षों तक की हो चुकी है बुकिंग

सीतामऊ में महालक्ष्मी का अनूठा मंदिर
पोशाक अर्पित करने के लिए आगामी 40 वर्षों तक की हो चुकी है बुकिंग

सीतामऊ


छोटी काशी के नाम से विख्यात सीतामऊ नगर अपनी वैभवशाली धार्मिक संस्कृति के लिए जाना जाता है | नगर में मां लक्ष्मी का प्राचीन मंदिर मौजूद है जहां दीपावली के पावन पर्व पर गोधूलि बेला में माता को पोशाक अर्पित करने का विशेष महत्व है माना जाता है की गोधूलि बेला में मां लक्ष्मी को पोशाक अर्पित करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है एवं पोशाक अर्पित करने के लिए आगामी 40 वर्षों तक की एडवांस बुकिंग इस मंदिर में हो चुकी है विशेष बात यह है कि मां लक्ष्मी को यदि पोशाक अर्पित करने के लिए बुकिंग करना हो तो वह नाम भी गोधूलि बेला में ही लिखे जाते हैं | सीतामऊ नगर में रामद्वारा के समीप स्थित माता लक्ष्मी के मंदिर में प्रति शुक्रवार एवं रविवार लाल पुष्प एवं गुलाब का इत्र अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं |
इस वर्ष भी दीपावली के अवसर पर गोधूलि बेला में भक्तों के द्वारा विशेष पोशाक अर्पित की जाएगी एवं माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना की जाएगी साथ ही गोधूलि बेला में ही पोशाक अर्पित करने के लिए श्रद्धालु बुकिंग करवा सकेंगे | वर्तमान में 2065 तक की अग्रिम बुकिंग हो चुकी है |

लोक मान्यता
तपस्वी ने अपनी शक्ति से उतार लिए थे तीन मंदिर


मंदिर के पुजारी प्रमोद मोड़ ने बताया कि मंदिर को लेकर क्षेत्र में लोक मान्यता है कि प्राचीन समय में किसी साधक द्वारा आकाश मार्ग से तीन मंदिर उड़ाकर ले जाए जा रहे थे। क्षेत्र में तपस्या कर रहे एक साधु ने अपनी शक्तियों का उपयोग कर उन्हें यहीं उतार लिया था। इन तीन मंदिरों में माता लक्ष्मी मंदिर, राधा बावड़ी शिव मंदिर एवं नादिया बावड़ी हनुमान मंदिर शामिल है। तीनों मंदिरों की विशेषता यह है कि इनके आकार, बनावट और शैली एक समान है।

दिन में तीन स्वरूपों में दर्शन देती है मोड़ी माताजी........

दिन में तीन स्वरूपों में दर्शन देती है मोड़ी माताजी..... मयूर स्वरूप में बनाया गया है प्रवेश द्वार.....  समिति ने जन सहयोग से करवाए लाखों के निर्माण कार्य

दिन में तीन स्वरूपों में दर्शन देती है मोड़ी माताजी
मयूर स्वरूप में बनाया गया है प्रवेश द्वार

समिति ने जन सहयोग से करवाए लाखों के निर्माण कार्य

सीतामऊ

सीतामऊ नगर की आराध्य देवी मयूर वाहिनी मां मोड़ी माता जी के दरबार में नवरात्रि के पहले दिन बड़ी संख्या में भक्तजन पहुंचे प्रतिदिन मां मोड़ी माता जी तीन स्वरूपों में दर्शन देती है प्रातः काल में बाल्यावस्था, दोपहर में युवावस्था एवं शाम के समय वृद्धावस्था का स्वरूप भक्तों को आकर्षित कर रहा है |
यह मंदिर सीतामऊ नगर की स्थापना से भी पूर्व समय से यहां मौजूद है एवं माता जी की मूर्ति स्वयंभू होकर अति चमत्कारिक है रियासत के समय से यह मंदिर नगर की आस्था का केंद्र बिंदु रहा है | वर्तमान में यहां श्री मयूर वाहिनी मां मोडी माताजी मंदिर सौंदर्यीकरण एवं नवनिर्माण समिति द्वारा जन सहयोग से लगभग 20 लाख रुपए से ज्यादा राशि के विकास कार्य करवाए जा चुके हैं जिससे मंदिर परिसर का पूरा परिदृश्य अत्यंत मनमोहक एवं सुंदर हो गया है |
समिति द्वारा यहां आने वाले भक्तों हेतु स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर कूलर लगाया गया है साथ ही मंदिर प्रांगण की बाउंड्री का सौंदर्यीकरण कर प्रकाश की व्यवस्था की गई है, भक्तों के बैठने हेतु समुचित प्रांगण में कुर्सी की व्यवस्था, मंदिर के पास सेल्फी प्वाइंट हेतु गार्डन तैयार किया जा रहा है साथ ही मंदिर प्रांगण में स्थित कुएं का जीर्णोद्धार, मंदिर के पीछे पथवारी नवनिर्माण भी किया गया है दर्शनार्थियों के मंदिर में जाने हेतु रेलिंग की व्यवस्था भी की गई है साथ ही मयूर स्वरूप में ही मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार आकर्षित विद्युत सज्जा के साथ सजाया गया है |
मंदिर से जुड़ी समिति का कहना है कि सभी निर्माण कार्यों हेतु जन सहयोग से यह राशि एकत्रित की गई है एवं लगातार मंदिर में विकास कार्य करवाए जा रहे हैं भविष्य में यहां आम जनता हेतु मांगलिक भवन का निर्माण किया जाना भी प्रस्तावित है मंदिर के चारों तरफ एक जैसी छत डालकर सौंदर्यीकरण किया जाना है साथ ही प्रांगण में बच्चों हेतु झूले चकरी की व्यवस्था कर म्यूजिकल फाउंटेन फव्वारा लगाने की योजना भी प्रस्तावित है |

शुक्रवार को मुस्लिम समाज ने निकाला जुलूस - ए - मिलाद

शुक्रवार को मुस्लिम समाज ने निकाला जुलूस - ए - मिलाद

शुक्रवार को मुस्लिम समाज ने निकाला जुलूस - ए - मिलाद

सीतामऊ

जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर बोहरा समाज के सदस्यों ने नगर में जुलूस निकाला... बोहरा समाज के सभी सदस्य एवं छोटे बच्चे पारंपरिक गणवेश में सम्मिलित हुए | अग्रिम पंक्ति में समाज के युवा बैंड के साथ कतारबद्ध होकर चल रहे थे | वहीं शुक्रवार को मुस्लिम समाज ने जुलूस-ए-मिलाद निकाला |
मुस्लिम समाज के जुलूस की शुरुआत तालाब चौक से हुई जो सदर बाजार होते हुए नगर पंचायत प्रांगण पहुंचा | नगर की कई समाज सेवी संस्थाओं ने ठंडे पानी शरबत एवं मिठाई के स्तर लगाकर जुलूस का पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया राजवाड़ा चौक में जिला योजना समिति सदस्य अनिल पांडे द्वारा मुस्लिम समाज जनों का स्वागत किया गया वहीं भगोर गेट पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की तरफ से पुष्प वर्षा कर  शहर काजी एवं अंजुमन सदर का पुष्प माला से स्वागत किया गया |
ताला चौक पर जुलूस सभा में परिवर्तित हुआ | जुलूस के दौरान प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मुस्तैद रहे, कार्यक्रम शांति एवं अनुशासन के माहौल में संपन्न हुआ |

राजकीय परंपरा अनुसार डोल ग्यारस पर निकले बेवाण.... सीतामऊ...

राजकीय परंपरा अनुसार डोल ग्यारस पर निकले बेवाण.... सीतामऊ पुलिस ने दी सलामी

राजकीय परंपरा अनुसार डोल ग्यारस पर निकले बेवाण
सीतामऊ पुलिस ने दी सलामी

सीतामऊ


राजकीय परंपरानुसार इस वर्ष भी नगर के सभी प्रमुख मंदिरों के बेवान नगर भ्रमण हेतु निकले | नगर के गणमान्य नागरिक बंधुओं एवं पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में प्रभु के बेवान को राजवाड़ा चौक स्थित रियासकालीन गढ़ में पुलिस द्वारा सलामी दी गई इसके पश्चात बैंड की धुन पर प्रभु भजनों के साथ सभी बेवाण नगर भ्रमण करते हुए तालाब चौक पहुंचे | नगर में कई जगह श्रद्धालुओं ने प्रभु दर्शन कर बेवान की पूजा अर्चना की एवं ऋतुफल चढ़ाए |
तालाब चौक पर नगर परिषद द्वारा इस वर्ष अच्छी व्यवस्था की गई यहां सभी बेवाण को विराजित करने के लिए लंबा मंच बनाया गया था साथ ही तालाब किनारे पुलिस ने उचित सुरक्षा व्यवस्था की | प्रभु को स्नान करवाने के पश्चात बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी तालाब में स्नान किया | चल समारोह में मनोज शुक्ला, सुमित रावत, विवेक सोनगरा, राजेंद्र राठौर, पवन शर्मा समेत नगर के प्रबुद्धजन सम्मिलित हुए साथ ही एडिशनल एसपी हेमलता कुरील, एसडीओपी दिनेश प्रजापति, तहसीलदार पंकज गंगवाल सहित पत्रकार बंधु एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु व नगरवासी उपस्थित रहे |