सुवासरा विधानसभा के दो धुरंधर नेता वर्तमान विधायक हरदीप सिंह डंग और हिंदूवादी छवि के नेता अंशुल बैरागी की जुगलबंदी इन दिनों चर्चा में है सोशल मीडिया पर इससे जुड़े वीडियो भी खूब देखे जा रहे है
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की आराध्य देवी विजयासन माताजी के सलकनपुर धाम में हाल ही में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें महामंडलेश्वर गुरुदेव उत्तम स्वामी जी एवं संघ के वरिष्ठ नेता तपन भौमिक समेत प्रदेश के कई साधु संत एवं राजनीतिक हस्तियों ने शिरकत की
यहां सुवासरा विधानसभा के वर्तमान विधायक हरदीप सिंह डंग, अंशुल बैरागी के साथ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं कार्यक्रम से जुड़े फोटो वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब देखे जा रहे है
एक समय कांग्रेस से विधायक रहे हरदीप सिंह डंग और भाजपा में बाहुबली व कट्टर हिंदूवादी छवि रखने वाले अंशुल बैरागी आमने-सामने थे लेकिन समय व परिस्थितियों के बदलने के बाद एक ही पार्टी में रहकर आगे बढ़े
वर्तमान समय लोकसभा चुनाव का है और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने जिस तरह विधानसभा चुनाव में युवाओं और नए चेहरों को मौका दिया और उसके बाद सरकार बनने पर नए चेहरों को न सिर्फ मंत्रिमंडल में जगह दी बल्कि तीन राज्यों में मुख्यमंत्री पद पर फ्रेश चेहरा उतार कर राजनीतिक क्षेत्र के दिग्गजों को असमंजस में डाल दिया है जिसके चलते कोई भी नेता यह नहीं कह सकता कि हमारा टिकट पक्का है ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व की पसंद और बदले राजनीतिक पैटर्न में हर कोई अपने लिए नई संभावनाएं तलाश रहा है और तलाशना भी चाहिए...
पूरे देश में धार्मिक माहौल और मोदी की गारंटी के चलते भाजपा में सांसद पद की सीटों पर अनुकूलता ज्यादा मानी जा रही है ऐसे में मंदसौर नीमच जावरा संसदीय क्षेत्र से भाजपा की ओर से दावेदारो की सूची भी बढ़ती चली जा रही है
मंदसौर संसदीय क्षेत्र से लोकसभा के रूप में सबसे बड़ा चेहरा वर्तमान सांसद सुधीर गुप्ता है जिनकी सक्रियता और मैनेजमेंट के चलते संसद रत्न अवार्ड भी कई बार वे अपनी झोली में डालकर क्षेत्र की जनता को समर्पित कर चुके हैं वहीं किसान नेता की छवि वाले वर्षों से संघर्षशील गुर्जर समाज का बड़ा चेहरा बंशीलाल गुर्जर भी लोकसभा के बड़े नेता के रूप में जाने जाते हैं इधर सोशल मीडिया पर मंदसौर लोकसभा से इस बार संघ के वरिष्ठ नेता तपन भौमिक के राजनीतिक उत्तराधिकारी पंडित अंशुल बैरागी ने भी दमदारी से अपना दावा ठोक दिया है लगातार मंदसौर से इंदौर, भोपाल, दिल्ली और यूपी की धार्मिक यात्राएं मिशन 24 की तैयारी का हिस्सा मानी जा रही है तो वहीं जावरा के मूल निवासी और दिल्ली में मजबूत राजनीतिक रिश्ते बनाए रखने वाले पूर्व सांसद डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय के सुपुत्र सुरेंद्र पांडे का नाम भी गाहे बगाहे दिल्ली से चर्चाओं में आया है साथ ही संसदीय क्षेत्र के अंतिम छोर जावद के सक्षम व मिश्रित नेता समंदर भाई पटेल भी लोकसभा का टिकट चाहने वालों की सूची में शामिल है
बात करें सुवासरा विधानसभा के वर्तमान विधायक हरदीप सिंह डंग की तो विपरीत परिस्थितियों में भी एक समय मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन की शुरुआत कर केंद्रीय नेतृत्व की नजर में आए हरदीप सिंह डंग शिवराज मंत्रिमंडल में खासमखास मंत्रीयो की सूची में शामिल थे, डंग जब भी क्षेत्र में आने का न्यौता देते तो शिवराज सिंह चौहान सहज ही स्वीकार कर आ जाते थे लेकिन डॉ.मोहन यादव की सरकार में उन्हें मंत्रिमंडल में अवसर नहीं मिला.. हालांकि उनके शुभचिंतकों को यह उम्मीद है कि लोकसभा चुनाव से पूर्व मंत्रिमंडल होगा और उस विस्तार में एक बार फिर वीर जी अपनी जगह सुनिश्चित करेंगे.. मध्य प्रदेश में बड़े सिख चेहरे के रूप में पिछले दो-तीन वर्ष में हरदीप सिंह डंग की लोकप्रियता में इजाफा भी हुआ है मंत्री रहते हुए भारतीय जनता पार्टी से मध्य प्रदेश में सिख समुदाय से आने वाले बड़े एवं चर्चित चेहरों में हरदीप सिंह डंग भी शामिल हुए
सलकनपुर धाम में जब पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से हरदीप सिंह डंग गले मिले तो दोनों नेताओं के मनोभाव चेहरे पर स्पष्ट झलकते हुई दिखाई दिए इस क्षण के फोटो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए
यही गुरुदेव उत्तम स्वामी एवं संघ के वरिष्ठ नेता तपन भौमिक की उपस्थिति में जब खेजड़ीया बालाजी के भक्त हरदीप सिंह डंग और बंजारी बालाजी के भक्त अंशुल बैरागी साथ आए तो उनके विरोधी खेमे में भी खलबली मच गई
एक समय के प्रतिद्वंदी नेता जब साथ आए तो राजनीतिक कयासों का नया दौर भी शुरू हुआ
बदलते राजनीतिक परिदृश्य में अगर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व लोकसभा में नए चेहरों को अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दिया तो भाजपा के पास लंबी फेहरिस्त है वहीं देश में राम मंदिर निर्माण के बाद निर्मित हुए धार्मिक माहौल एवं मोदी की गारंटी के चलते जहां भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओ का आत्मविश्वास बूम है तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं में संसदीय क्षेत्र में बारह महीने सक्रिय स्थानीय नेतृत्व का अभाव है परिणाम स्वरूप विधानसभा चुनाव में जिस प्रकार सत्ता परिवर्तन की लहर की चर्चाएं थी मतदान के रिजल्ट उसके ठीक विपरीत आए
बहुत कम मार्जिन से मंदसौर विधानसभा सीट से एकमात्र कांग्रेस नेता विपिन जैन विधायक के रूप में निर्वाचित हुए अब लोकसभा चुनाव में मंदसौर सीट से चुनाव लड़ चुकी राहुल गांधी एवं प्रियंका गांधी की करीबी नेता मीनाक्षी नटराजन फिर से चुनावी समर में नहीं उतरने के मूड में नहीं दिख रही है ? और यहीं से कांग्रेस में भी नए एवं युवा चेहरों ने लोकसभा हेतु अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है जिसमें जिला कांग्रेस के अध्यक्ष एवं मंदसौर से विधायक विपिन जैन, सुवासरा से हजारों वोटो से विधानसभा हारे लेकिन फिर भी मैदान में डटे पाटीदार चेहरे के रूप में राकेश पाटीदार, जावद से समंदर पटेल का नाम चर्चा में है
जिसमें निश्चित रूप से विपिन जैन की दावेदारी ज्यादा मजबूती से देखी जा रही है विधानसभा में भाजपा के लिए सुरक्षित माने जाने वाली मंदसौर सीट से जितने के बाद विपिन जैन भी आत्मविश्वास से लबरेज और लगातार सक्रिय है ऐसे में क्या कांग्रेस नेतृत्व विपिन जैन के रूप में युवा चेहरे को लोकसभा में उतारेगा ? यदि ऐसा हुआ तो मंदसौर में पलटा कर चुके विपिन जैन के साथ युवा टीम मैदानी स्तर पर निश्चित दौड़ेगी लेकिन मोदी की गारंटी और कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं की हठधर्मिता और राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण ठुकराने जैसे आलाकमान के फैसले कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होंगे
भाजपा में अगर वर्तमान सांसद सुधीर गुप्ता के नाम पर असहमति जैसी कोई बात आई और खाटा खिचड़ी हुई तो क्षेत्र के ही धार्मिक संत, कथा वाचक के अलावा महिला चेहरे के रूप में प्रियंका गोस्वामी जैसे नाम भी नेतृत्व करने की क्षमता रखते है